Nazara Lyrics By Vishal Mishra

ये चलती हवाएँ, दुआएँ दे रही हैं
सुनो ना, कह रही हैं क्या ये भला?
ये वादियाँ भी हँस के बलाएँ ले रही है
असर इस तरहा का है तेरा, ओ
पहली बार इश्क़ हुआ जैसे
आँखों को तेरा हो नशा जैसे
तेरा बस, तेरा ही नज़ारा, पिया
बूँदों में तेरा रंग घुला जैसे
रोशन थी, ना पहले सुबह ऐसे
ऐसा है तेरा ये नज़ारा, पिया, ओ
Hmm, ये पेड़ों से जो रोशनी रस्ते पर झाँक रही है
असल में चुपके-चुपके तुझी को ताक रही है
ये कोयल, पपीहे की धुन सब तेरे राग में है समाई
ये झरने, नदी और किनारे हैं खुश जो है तू मिलने आई
जो है ग़म के मारे, पता तेरा पूछते हैं
लोग मेरे जैसे तुझको "ख़ुदा" कहके पूजते हैं
बर्फ़ पर हो पिघली सबा जैसे
होनी ना, कहीं भी रहा जैसे
तू है, मैं हूँ और है नज़ारें, पिया
पहली बार इश्क़ हुआ जैसे
बादल पे तेरा रंग चढ़ा जैसे
तेरा बस, तेरा ही नज़ारा, पिया
ओ, पिया
ओ, पिया, पिया, पिया, पिया, पिया
ओ, पिया, पिया
बादल पे पाँव पड़े, बर्फ भिगोने लगे
तेरी जो छाँव मिले, इश्क़-सा होने लगे
सारा सफ़र, सारे रस्ते हसीं हैं, पिया
मेरे अंधेरों पे धूप तेरी पड़ती है
तेरी मौजूदगी में किस्मत सँवरती है
तू है जो साथ सब कितना हसीं है, पिया, ओ
पहली बार इश्क़ हुआ जैसे
आँखों को तेरा हो नशा जैसे
तेरा बस, तेरा ही नज़ारा, पिया
बूँदों में तेरा रंग घुला जैसे
रोशन थी ना पहले सुबह ऐसे
ऐसा है तेरा ये नज़ारा, पिया, ओ
(पिया…)
(ओ, पिया) तेरा बस, तेरा ही नज़ारा