Vighnaharta Lyrics By Ajay Gogavale

वक्रतुंड महाकाय
सूर्यकोटि समप्रभ
निर्विघ्नम् कुरुमे देव
सर्व कार्येषु सर्वदा
गणपति बप्पा मोर्या
तेरा करम मेरा भरम
मेरा धरम तू ही तू
जनम वनम कुछ भी नहीं
परम तू ही तू
सितम विटम दया क्षमा
अजब तेरी अदा है
जगत तू ही भगत तू ही
Dev tu hi tu
हो तू ही दाता तू ही विधाता
तेरा ये जग तू जग सारा
तू ही आँधी तू ही तूफ़ान
तू ही मौजें तू ही किनारा
तू सुख करता तू ही दुख हरता
तू ना होता मैं जाने क्या करता
विघ्नहर्ता तू मेरा विघ्नहर्ता रे
विघ्नहर्ता तू मेरा विघ्नहर्ता रे
विघ्नहर्ता तू मेरा विघ्नहर्ता रे
विघ्नहर्ता तू मेरा विघ्नहर्ता रे
विघ्नहर्ता तू मेरा विघ्नहर्ता रे
विघ्नहर्ता तू मेरा विघ्नहर्ता रे
गणपति बप्पा मोर्या
जब जब दुनिया ने हाथ नहीं थामा
मेरा सफर देवा तेरे द्वार आया
धूप नहीं है मेरी चाव नहीं मेरी
सब कुछ है तेरा बप्पा मोरया
राहें भी तेरी पनाहें भी तेरी
इन आहों को मेरी बस तेरा सहारा
है सुख कर्ता तू ही दुख हर्ता
तू ना होता मैं जाने क्या करता
विघ्नहर्ता तू मेरा विघ्नहर्ता रे
विघ्नहर्ता तू मेरा विघ्नहर्ता रे
विघ्नहर्ता तू मेरा विघ्नहर्ता रे
विघ्नहर्ता तू मेरा विघ्नहर्ता रे
विघ्नहर्ता तू मेरा विघ्नहर्ता रे
विघ्नहर्ता तू मेरा विघ्नहर्ता रे
तेरा करम मेरा भरम
मेरा धरम तू ही तू
जनम वनम कुछ भी नहीं
परम तू ही तू
सितम विटम दया क्षमा
अजब तेरी अदा है
जगत तू ही भगत तू ही
Dev tu hi tu
सुख कर्ता दुख हर्ता वर्ता विघ्नाची
नूरवी पूरवी प्रेम कृपया जाची
सर्वांगी सुंदर उतिषेन्दु रची
कण्ठी झलके माड मुक्ता पढांची
जय देव जय देव जय मंगल मूर्ति
दर्शन मरते मन कामना पूर्ति
जय देव जय देव जय मंगल मूर्ति
स्वर्णे मरते मन कामना पूर्ति
Jai dev jai dev jai dev
Jai dev jai dev jai dev
Jai dev jai dev
तू सुख करता है तू ही दुख हर्ता
तू ही ना होता मैं जाने क्या करता रे
तू सुख करता है दुख हरता है
तू ही ना होता मैं जाने क्या करता रे
विघ्नेश तू मेरा श्री गणेश तू
विघ्नेश तू मेरा श्री गणेश तू
विघ्नेश तू मेरा श्री गणेश तू
जग जग में बसता है एहसास तेरा
तेरा नामा आए मैं जब सांस लूँ
मेरी ज़िंदगी के समंदर का चक्का
मुझ में उभरता है श्री गणेश तू
मुझ में उभरता है श्री गणेश तू
मुझ में उभरता है श्री गणेश तू