Mareez – E – Ishq (From "Zid") Lyrics By Sharib Toshi

मरीज़-ए-इश्क़ हूं मैं
कर दे दवा
मरीज़-ए-इश्क़ हूं मैं
कर दे दवा
ओ ओ हो ओ ओ हो
ओ ओ हो ओ ओ हो
तलब है तू
तू है नशा
ग़ुलाम है दिल ये तेरा
खुलके ज़रा जी लूँ तुझे
आजा मेरी साँसों में आ
तलब है तू
तू है नशा
ग़ुलाम है दिल ये तेरा
खुलके ज़रा जी लूँ तुझे
आजा मेरी साँसों में आ
मरीज़-ए-इश्क़ हूं मैं
कर दे दवा
हाथ रख दे तू दिल पे ज़रा
O o
हाथ रख दे तू दिल पे ज़रा
तुझे मेरे रब्ब ने मिलाया
मैंने तुझे अपना बनाया
अब ना बिछड़ना खुदाया
तुझे मेरे रब्ब ने मिलाया
मैंने तुझे अपना बनाया
अब ना बिछड़ना खुदाया
मोहब्बत रूह की है लाज़िम रिज़ा
हाथ रख दे तू दिल पे ज़रा
O o
हाथ रख दे तू दिल पे ज़रा
O o
हाथ रख दे तू दिल पे ज़रा
ओ ओ हो ओ ओ हो
ओ ओ हो ओ ओ हो
चाहा तुझे मैंने वफा से
मांगा तुझे मैंने दुआ से
पाया तुझे तेरी अदा से
चाहा तुझे मैंने वफा से
मांगा तुझे मैंने दुआ से
पाया तुझे तेरी अदा से
करम हद से है ज़्यादा
मुझ पे तेरा
हाथ रख दे तू दिल पे ज़रा
O o
हाथ रख दे तू दिल पे ज़रा
O o
हाथ रख दे तू दिल पे ज़रा