Teri Khushboo (From "Mr. X") [Male] Lyrics By Jeet Gannguli
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तेरी खुशबू और तेरी साँसें
क़तरा-क़तरा सब भुलाएँगे
सिलवटें जो तुम ने छोड़ी हैं
धीरे-धीरे सब मिटाएँगे
काटने को इतनी लम्बी उम्र आगे है
जाने किस के पीछे तू बेवजह भागे है
आँख नम होती है, होने दो
होंठ लेकिन मुस्कुराएँगे
उसकी रातों से सुबह अपनी
रफ़्ता-रफ़्ता खींच लाएँगे
ऐसा कोई दिल नहीं जो कभी टूटा नहीं
कांच से उम्मीद क्या रखना? हाँ
ऐसा कोई दिल नहीं जो कभी टूटा नहीं
काँच से उम्मीद क्या रखना?
काटने को इतनी लम्बी उम्र आगे है
जाने किस के पीछे तू बेवजह भागे है
आँख नम होती है, होने दो
होंठ लेकिन मुस्कुराएँगे
उसकी रातों से सुबह अपनी
रफ़्ता-रफ़्ता खींच लाएँगे
चल नई शुरुआत कर, भूल के जो हो गया
हाथ पे यून हाथ क्या रखना, ओह
चल नई शुरुआत कर, भूल के जो हो गया
हाथ पे यून हाथ क्या रखना
काटने को इतनी लम्बी उम्र आगे है
जाने किस के पीछे तू बेवजह भागे है
तेरी खुशबू और तेरी साँसें
क़तरा-क़तरा सब भुलाएँगे
सिलवटें जो तुम ने छोड़ी हैं
धीरे-धीरे सब मिटाएँगे