Fateh Kar Fateh Lyrics By Arijit Singh

फतेह, कर फतेह
फतेह, कर फतेह
फतेह, कर फतेह
तेरी सरहद पार जो कर पाए
ऐसा जिगरा कोई हुआ नहीं
जिस में एक तू ना शामिल हो
होती कोई ऐसी दुआ नहीं
सवा लाख से एक ही लड़ जाए
'गर बात हो तेरी आन की
जो वतन के लिए धड़कता है
उस दिल के हर अरमान की
फतेह, कर फतेह
फतेह, कर फतेह
फतेह, कर फतेह
फतेह, कर फतेह
फतेह, कर फतेह
फतेह, कर फतेह
तेरी चौखट मेरा दर है
तुझ पे वारा ये सर है
तू ही जन्नत मेरी, तू मेरा घर है
माथे का चंदन तू है
वस्सदा मेरे लहू-लहू है
तू ही है मन्नत मेरी हर लम्हा
कर फतेह, कर फतेह
हर क़दम कर फ़तेह
बोले ये मन मेरा
कर फतेह, कर फतेह
हर क़दम कर फ़तेह
मेरा सब है तेरा
सौ बार जनम लूँ, मर जाऊँ
ना फिक्र मुझे इस जान की
जो वतन के लिए धड़कता है
उस दिल के हर अरमान की
फतेह, कर फतेह
फतेह, कर फतेह
फतेह, कर फतेह
फतेह, कर फतेह
फतेह, कर फतेह
फतेह, कर फतेह
(फतेह, कर फतेह)
(फतेह, कर फतेह)
(फतेह, कर फतेह)
(फतेह, कर फतेह)