Toota Jo Kabhi Tara Lyrics By Sachin-Jigar

किसी शाम की तरह
तेरा रंग है खिला
मैं रात इक तन्हा
तू चाँद सा मिला
हाँ तुझे देखता रहा
किसी ख्वाब की तरह
जो अब सामने है तू
हो कैसे यक़ीन भला
टूटा जो कभी तारा सजना वे
तुझे रब से माँगा
रब से जो माँगा मिलेया वे
तू मिलेया तो जाने ना दूँगा मैं
हाँ मैंने सुनी है
परियों की कहानी
वैसा ही नूर तेरा
चेहरा है तेरा रूहानी
आ तुझको मैं अपनी (आजा मेरी)
बाहों में छुपा लूँ
हाँ अपनी इस ज़मीन को
कर दूँ मैं आसमानी
ज़िंदगी रोक दूँ मैं अब तेरे सामने
पल दो पल जो रुके तू मेरे साथ में
टूटा जो कभी तारा सजना वे
तुझे रब से माँगा
रब से जो माँगा मिलेया वे
तू मिलेया तो जाने ना दूँगा मैं
इतनी भी हसीन मैं नहीं ओ यारा वे
मुझसे भी हसीन तोह तेरा ये प्यार है
हाँ इतनी भी हसीन मैं नहीं ओ यारा वे
मुझसे भी हसीन तेरा प्यार
के तेरा मेरा प्यार ये
जैसे ख्वाब और दुआ
हाँ सच कर रहा इन्हें
देखो मेरा खुदा
टूटा जो कभी तारा सजना वे
तुझे रब से माँगा
रब से जो माँगा मिलेया वे
तू मिलेया तो जाने ना दूँगी मैं