Ul Jalool Ishq Lyrics By Vishal Bhardwaj

निकम्मा, बे-फ़िज़ूल, मगर फिर भी क़ुबूल है
ऊल-जलूल, इश्क़ ये ऊल-जलूल
ऊल-जलूल, इश्क़ ये ऊल-जलूल
निकम्मा, बे-फ़िज़ूल, मगर फिर भी क़ुबूल है
ऊल-जलूल, इश्क़ ये ऊल-जलूल
ना कोई क़ायदा, ना कोई भी उसूल
ना कोई क़ायदा, ना कोई भी उसूल है
ऊल-जलूल, इश्क़ ये ऊल-जलूल
अरे, ऊल-जलूल, इश्क़ ये ऊल-जलूल
लड़खड़ाते हैं, डगमगाते हैं
उस गली में हम बहक जाते हैं
ओ, लड़खड़ाते हैं, डगमगाते हैं
उस गली में हम बहक जाते हैं
मुस्कुराते हैं ख़ामख़ा
झेंप जाते हैं ख़ामख़ा
दो दिलों के court में मुक़द्दमा है इश्क़
कभी ग़ुस्ताख़ियाँ, कभी छोटी-सी भूल है
ऊल-जलूल, इश्क़ ये ऊल-जलूल
अरे, ऊल-जलूल, इश्क़ ये ऊल-जलूल
आँखों-आँखों में कुछ तो कहते हैं
इक गुटरगूँ-सी करके जाते हैं
ओ, कोई ख़त है या कोई संदेसा
क्यूँ कबूतर यूँ गुनगुनाते हैं
गोलगप्पे हैं गालों में
प्यार छलका है प्यालों में
अधजगी-सी आँखों में सुरमा है इश्क़
मेरी नादानियाँ, मेरे ख़्वाबों की धूल है
ऊल-जलूल, इश्क़ ये ऊल-जलूल
ऊल-जलूल, इश्क़ ये ऊल-जलूल
अरे, ऊल-जलूल, इश्क़ ये ऊल-जलूल
अरे, ऊल-जलूल, इश्क़ ये ऊल-जलूल