Zaroorat Se Zyada Lyrics By Amaal Mallik

तू जाने ना जाने, हैं तेरे दीवाने
तुझी को है माना सनम
तेरे पास आने के ढूंढूँ बहाने
ज़रा तू बढ़ा एक क़दम
क्या दिल चाहता है, ना पूछो हमें तुम
बस इतना पता है, किसी के नहीं होंगे हम
ज़रूरत से ज़्यादा हुआ मैं तुम्हारा
हाँ, अब प्यार होगा ना कम
बना ना सके जो तुम्हें हम हमारा
तो लेंगे दोबारा जनम
तो लेंगे दोबारा जनम
तो लेंगे दोबारा जनम
दर्द बांटे साथ में, साथ बांटी हर खुशी
आज भी होंठों पे है तूने दी थी जो हँसी
कुछ तेरे एहसास की, कुछ तेरी आवाज़ की
खुशबूएँ मौजूद हैं आज भी मुझमें कहीं
धड़कते रहोगे मेरे दिल में हर-दम
मगर बात सच है, जहाँ तू रुका, मैं खतम
ज़रूरत से ज़्यादा हुआ मैं तुम्हारा
हाँ, अब प्यार होगा ना कम
बना ना सके जो तुम्हें हम हमारा
तो लेंगे दोबारा जनम
तो लेंगे दोबारा जनम
कुछ बताना था तुम्हें, जो कभी ना कह सका
आने में देरी हुई, मैं ज़रा ही दूर था
एक अधूरे मोड़ पे रह गया ये सिलसिला
अब उसे समेट लें जो भी बाक़ी है बचा
मुझे मुस्कुराना सिखाते-सिखाते
बता दे, कहाँ तू चला छोड़ के आँखें नम
ज़रूरत से ज़्यादा हुआ मैं तुम्हारा
हाँ, अब प्यार होगा ना कम
बना ना सके जो तुम्हें हम हमारा
तो लेंगे दोबारा जनम
तो लेंगे दोबारा जनम
तो लेंगे दोबारा जनम
तो लेंगे दोबारा जनम
तो लेंगे दोबारा जनम