Tu Hi Disda Lyrics By Pritam

मेरी बातें हैं तेरे ज़िकर से शुरू
इतना ज़रूरी है तू, है सुकूँ दिल का
एक शिकायत है, चाहूँ जिसे दिल से
सातों जनम के लिए क्यूँ नहीं मिलता?
है मेरी क्या ख़ता, सीने में जो दिल की जगह है, ਤੂੰ ਵਸਦਾ
आऊँ ना क्यूँ नज़र ख़ुद को कभी ਸ਼ੀਸ਼ਾ ਕੋਈ ਜੇ ਮੈਂ ਤਕਦਾ
ਤੂੰ ਹੀ ਦਿਸਦਾ, ਯਾਰਾ, ਨਜ਼ਾਰੋਂ ਮੇਂ ਤੂੰ ਦਿਸਦਾ
ਤੂੰ ਹੀ ਦਿਸਦਾ, ਯਾਰਾ, ਸਿਤਾਰੋਂ ਮੇਂ ਤੂੰ ਦਿਸਦਾ
ਤੂੰ ਹੀ ਦਿਸਦਾ
ज़िंदगी के दो हैं लम्हे, एक मैं हूँ, एक तूँ
चल रही है साँस जब तक, यूँ ही बैठें रू-ब-रू
कह ना पाया बात मैं जो, कह रही है ये नज़र
होगा शायद वो ख़ुदा भी तेरे जैसा हू-ब-हू
थोड़ा या ज़्यादा, जितना भी है ये सफ़र
एक जैसा सारी उमर रह नहीं सकता
ओ, यारा, इश्क़ ये जादू सा है बाज़ारों में ये नहीं बिकता
है लाखों में भी तू आया नज़र हज़ारों में भी तू ही इक था
ਤੂੰ ਹੀ ਦਿਸਦਾ, ਯਾਰਾ, ਨਜ਼ਾਰੋਂ ਮੇਂ ਤੂੰ ਦਿਸਦਾ
ਤੂੰ ਹੀ ਦਿਸਦਾ, ਯਾਰਾ, ਸਿਤਾਰੋਂ ਮੇਂ ਤੂੰ ਦਿਸਦਾ
ਤੂੰ ਹੀ ਦਿਸਦਾ