Sooiyan Lyrics By Arijit Singh

दिल मर्द ज़ात है
बदमाश बात है
सोचो क्या सोचूँ मैं
सर्दी की रात है
एक आग साथ है
सोचो क्या सोचूँ मैं
तुम लफ़्ज़ों की चिंगारियाँ
होंठो से ना छोड़ो
यूँ बेशर्मी की राह पे
बातों को ना मोड़ो हाए
हो तन में सूइयाँ सूइयाँ सी सूइयाँ सूइयाँ सी
अब तो लगी चुभने
हो तन में सूइयाँ सूइयाँ सी सूइयाँ सूइयाँ सी
लगी लगी चुभने
हो तन में सूइयाँ सूइयाँ सी सूइयाँ सूइयाँ सी
अब तो लगी चुभने
हो तन में सूइयाँ सूइयाँ सी सूइयाँ सूइयाँ सी
लगी लगी चुभने हाए
तुझे बहती हवा जो सहलाए रे हाए रे
दिल जलके धुआँ हो जाए रे
मैं तो ख़ुद से खफा हूँ
मेरी जवानी तेरे ज़रा भी क्यूँ ना काम आए रे हाए रे
तरसाए रे हाए रे
यूँ गलत पते पे चिट्ठियाँ
भेजो ना नैनों की
तुझे महंगा पड़ेगा जो ये
हरकत ना तूने रोकी
हो तन में सूइयाँ सूइयाँ सी सूइयाँ सूइयाँ सी
क्यूँ हैं लगी चुभने
हो तन में सूइयाँ सूइयाँ सी सूइयाँ सूइयाँ सी
यूँ ही लगी चुभने
हो तन में सूइयाँ सूइयाँ सी सूइयाँ सूइयाँ सी
क्यूँ हैं लगी चुभने
हो तन में सूइयाँ सूइयाँ सी सूइयाँ सूइयाँ सी
यूँ ही लगी चुभने
बदमाश साथ है आगे हवालात है
सोचो क्या सोचूँ मैं
सर्दी की रात है एक आग साथ है
सोचो क्या सोचूँ मैं